Tuesday, March 31, 2026
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गिरफ्तार हुआ कटमुल्ला मोहम्मद फरहान अहमद,पण्डित हरीश शर्मा बना हुआ था

वो पण्डित हरीश शर्मा नही मोहम्मद फरहान अहमद उर्फ शानू खान है।अब जेल पहुंचा, अम्मी अब्बा भाई बहन सब शामिल लव जिहाद में।

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बुधवार को पीड़िता से शादी करने के झूठे वादे पर उसके साथ शारीरिक संबंध स्थापित करके और उसके बाद उसे मुस्लिम धर्म स्वीकार करने की धमकी देकर बलात्कार करने के आरोपी व्यक्ति को जमानत देने से इनकार कर दिया।

न्यायमूर्ति ओम प्रकाश त्रिपाठी की खंडपीठ फरहान अहमद (शानू) की जमानत याचिका पर विचार कर रही थी, जिसने तर्क दिया कि वह निर्दोष है और उसे केवल ब्लैकमेल करने के उद्देश्य से मामले में झूठा फंसाया गया है।

क्या है पूरा मामला?

अभियोजन पक्ष के मामले के अनुसार पीड़िता फेसबुक के माध्यम से आरोपी के संपर्क में आई और आवेदक-आरोपी ने खुद को नगर निगम गोरखपुर में टैक्स निरीक्षक के पद पर कार्यरत बताया।

कथित तौर पर बातचीत के दौरान उसने शादी का प्रस्ताव रखा और आश्वासन देने के बाद उसने शारीरिक संबंध बनाए।

हालांकि, जब वह गर्भवती हो गई तो आरोपी ने उसे गर्भ खत्म करने के लिए दबाव डाला और इसके बाद जब पीड़िता ने उससे शादी करने के लिए कहा तो उसने कहा कि जब तक वह इस्लाम स्वीकार नहीं कर लेती, वह उससे शादी नहीं करेगा।

यह भी आरोप लगाया गया है कि अक्टूबर 2021 में, वह एक लड़की के साथ उससे मिलने आया था। आरोपी ने पीड़िता को गाली दी और अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल किया। इसके साछ ही पीड़िता को मुस्लिम धर्म स्वीकार करने की धमकी दी अन्यथा न तो वह उससे शादी करेगा और न ही वह उसे स्वीकार करेगा और मार डालने की धमकी दी।

इस पृष्ठभूमि में पीड़िता ने आरोपी के खिलाफ आईपीसी की धारा 376, 504, 506 और यू.पी. में गैरकानूनी धर्मांतरण का निषेध अधिनियम, 2020 की धारा 3/5 (1) के तहत प्राथमिकी दर्ज कराई।

तर्क

आवेदक के वकील ने प्रस्तुत किया कि कथित घटना एक अज्ञात तिथि और समय पर यानी जनवरी, 2021 के महीने में हुई थी, जबकि उसी घटना के संबंध में प्राथमिकी दर्ज करने में देरी के लिए बिना किसी स्पष्टीकरण के प्राथमिकी कथित घटना के 10 महीने बाद दर्ज की गई थी।

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