बिहार चुनाव एग्जिट पोल (Bihar Election Exit Polls) के नतीजे सामने आ गए हैं. सभी एग्जिट पोलों में लगभग एक सी कहानी है वो ये कि महागठबंधन एनडीए से आगे हैं. रिपब्लिक भारत और जन की बात के एक्जिट पोल में बड़ी बात सामने आई है. बिहार चुनाव में एनडीए से चुनाव लड़ने वाली एलजेपी ने जेडीयू को करीब 30 सीटों पर नुकसान पहुंचाया है. इस सर्वे में एनडीए को 37-39 फीसदी वोट, महागठबंधन को 40-43 फीसदी वोट, लोजपा को 7-9 फीसदी वोट, अन्य को 9-11 फीसदी वोट और जीतन राम मांझी की हम को 1.5-2 फीसदी वोट मिलने का अनुमान है.
बिहार विधानसभा चुनाव (Bihar Chunav 2020) के तीसरे और अंतिम चरण में 15 जिलों की 78 सीटों पर वोटिंग खत्म हो गई है. तीसरे चरण में वोटर्स ने 78 सीटों पर 1204 उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला ईवीएम में कैद किया. आंकड़ों की मानें तो 5 बजे तक 48 फीसदी वोटिंग हो चुकी है और लोगों में मतदान के लिए अच्छा उत्साह देखने को मिला. मतदान की प्रक्रिया खत्म होने के साथ ही बिहार में किसकी सरकार बन सकती है इस पर टुडेज चाणक्य एग्जिट पोल (Today’s Chanakya Exit Poll) सामने आ रहे हैं.टुडेज चाणक्य के बिहार विश्लेषण के मुताबिक, जेडीयू वाले एनडीए गठबंधन के खाते में 55 सीटें और आरजेडी नेतृत्व वाले महागठबंधन को 180 सीटें मिल सकती हैं. महागठबंधन क्लीन स्वीप करते हुए दिखाई दे रहा है. जबकि अन्य के खाते में 8 सीटें जा सकती हैं. पोल के अनुसार 44 फीसदी वोट आरजेडी+, 34 फीसदी वोट जेडीयू+ और 22 फीसदी वोट अन्य के खाते में जा सकते हैं.
वोटिंग पर किस मुद्दे ने निर्णायक असर डाला?
बेरोजगारी-35 प्रतिशत
भ्रष्टाचार-19 प्रतिशत
अन्य- 34 प्रतिशत
मौजूदा मुख्यमंत्री को आप क्या रेटिंग देंगे?
अच्छा- 21 प्रतिशत
औसत-29 प्रतिशत
बुरा-37 प्रतिशत
इस चुनाव में जातियां किधर जाएंगी?
जाति- JDU+ RJD+
यादव- 22% 69%
मुस्लिम- 12% 80%
अन्य पिछड़ी जातियां- 51% 30%
पिछली बार बनी थी नीतीश की सरकार
2015 के बिहार विधानसभा चुनाव में नीतीश कुमार महागठबंधन में शामिल होकर आरजेडी के साथ चुनाव लड़ा था. आरजेडी को नीतीश के साथ का फायदा मिला था, जिससे आरजेडी को सबसे ज्यादा 80 सीटों पर जीत मिली थी. वहीं दूसरे नंबर पर नीतीश कुमार की पार्टी जेडीयू थी, जिसे 71 सीटें हासिल हुई थी. वहीं बीजेपी को 54, कांग्रेस को 27, एलजेपी को 2, आरएलएसपी को 2, हम को 1 और अन्य के हिस्से में 7 सीटें गई थी.
बिहार चुनाव एग्जिट पोल (Bihar Election Exit Polls) के नतीजे सामने आ गए हैं. सभी एग्जिट पोलों में लगभग एक सी कहानी है वो ये कि महागठबंधन एनडीए से आगे हैं. रिपब्लिक भारत और जन की बात के एक्जिट पोल में बड़ी बात सामने आई है. बिहार चुनाव में एनडीए से चुनाव लड़ने वाली एलजेपी ने जेडीयू को करीब 25 सीटों पर नुकसान पहुंचाया है. इस सर्वे में एनडीए को 37-39 फीसदी वोट, महागठबंधन को 40-43 फीसदी वोट, लोजपा को 7-9 फीसदी वोट, अन्य को 9-11 फीसदी वोट और जीतन राम मांझी की हम को 1.5-2 फीसदी वोट मिलने का अनुमान है.
एबीपी के सर्वे के मुताबिक एनडीए को 104-128, महागठबंधन को 108-131 सीटें मिलने की बात कही जा रही है. जदयू को 38-46 सीटें मिलने की बात कही जा रही है. भाजपा को 66-74 सीटें मिलने की उम्मीद है. राजद को 81-89 और कांग्रेस को 21-29 सीटें मिल सकती हैं.
वीआईपी पार्टी को 0-4 सीटें मिल सकती हैं. हम को भी 0-4 सीटें मिल सकती हैं. वहीं लेफ्ट के खाते में 6-13 सीटें जाती दिखाई दे रही हैं. लोजपा को सिर्फ 1-3 सीटें मिलने की बात कही गई है. वोट प्रतिशत की बात करें तो एनडीए को 37.7 प्रतिशत, महागठबंधन को 36.3 प्रतिशत वोट मिल सकते हैं. लोजपा को 8 फीसदी वोट मिलने का अनुमान है. एनडीए को करीब 2 फीसदी ज्यादा वोट प्रतिशत मिला है.
टाइम्स नाउ-सी वोटर के मुताबिक एनडीए को 116, महागठबंधन को 120 और लोजपा को 1 और 6 सीटें अन्य को मिलने की बात कही गई है.
टीवी9 भारतवर्ष के एग्जिट पोल के मुताबिक, एनडीए को 110-120 सीटें मिल सकती हैं तो महागठबंधन को 115-125 सीटें मिलती दिखाई दे रही हैं. लोजपा को 3-5 और अन्य को 10-15 सीटें मिलने की उम्मीद जतायी गई है.
सीएम पद के लिए तेजस्वी पहली पसंद
इंडिया टुडे-एक्सिस माई इंडिया के एग्जिट पोल के मुताबिक तेजस्वी यादव को सबसे अधिक 44 फीसदी लोगों ने पहली पसंद बताया तो 35 फीसदी लोगों ने फिर नीतीश पर भरोसा जताया है, जबकि सुशील मोदी को केवल 3 फीसदी लोगों ने मुख्यमंत्री के रूप में देखने की इच्छा जाहिर की. चिराग पासवान को 7 फीसदी लोगों ने अपेंद्र कुशवाहा को 4 और जीतन राम मांझी को 1 फीसदी लोगों ने पहली पसंद बताया.
सरकार बनाने के लिए उठा-पटक के आसार
एग्जिट पोल को देखते हुए ऐसा लग रहा है कि बिहार में किसी भी पार्टी की सरकार बन सकती है और सरकार बनाने के लिए काफी उठा-पटक देखने को मिल सकती है. बिहार में विधानसभा की 243 सीटें हैं और बहुमत का आंकड़ा 122 सीटों का है. एग्जिट पोल के मुताबिक एनडीए और महागठबंधन दोनों ही बहुमत के आंकड़े के नजदीक दिखाई दे रहे हैं. ऐसे मे कई छोटे दल अहम हो सकते हैं.





